
कुराबड़ में सजी सियासी बिसात.
पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही शुरू हुआ सियासी घमासान, भाजपा-कांग्रेस ने किया वार्डवार दावेदारों के पैनल पर मंथन
राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों की आहट के साथ ही उदयपुर जिले के कुराबड़ में सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं. पंचायत समिति और जिला परिषद की सीटों पर कब्जे की तैयारी में जुटे कांग्रेस और भाजपा ने संगठनात्मक बैठकों के जरिए अपनी-अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. कांग्रेस ने कुराबड़िया भैरुजी मंदिर परिसर में बैठक कर वार्डवार संभावित उम्मीदवारों के पैनल तैयार करने पर चर्चा की वहीं भाजपा ने तरीबा हनुमानजी मंदिर परिसर में जुटकर कांग्रेस के दावों पर अपना रणनीतिक पलटवार किया.
दोनों दलों की सक्रियता से साफ है कि चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही क्षेत्र में राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है. इस सियासी हलचल के बीच कांग्रेस जहां स्थानीय स्तर पर उम्मीदवारों के चयन और कार्यकर्ताओं की एकजुटता पर जोर दे रही है वहीं भाजपा नगर निकाय चुनावों के नतीजों को लेकर कांग्रेस के उत्साह पर सवाल उठाते हुए पंचायती राज चुनावों में अपनी जीत का दावा कर रही है. ऐसे में कुराबड़ की चुनावी लड़ाई में उम्मीदवारों के चयन, स्थानीय समीकरणों और संगठन की जमीनी सक्रियता की अहम भूमिका रहने वाली है.
कांग्रेस का फोकस: मजबूत दावेदारों की तलाश और संगठन की लामबंदी
कुराबड़िया भैरुजी मंदिर परिसर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष खेमराज मीणा ने की. पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं. बैठक में कुराबड़ पंचायत समिति और संबंधित जिला परिषद वार्डों के चुनावी समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में वार्डवार संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार करते हुए मजबूत दावेदारों के पैनल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई. ब्लॉक पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं से चर्चा कर उनकी दावेदारी और स्थानीय स्तर पर सक्रियता पर मंथन किया गया.
पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत ने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया. उन्होंने पंचायती राज चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और एकजुटता पर जोर दिया. बैठक में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया.
बैठक में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष खेमराज मीणा, नेता प्रतिपक्ष नवल सिंह चुंडावत, मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह, मावा राम पटेल, नारायण सिंह, दिलीप जारोली, अंतोश चौधरी, यशवंत सिंह, दिनेश चौधरी फिला, किशन सिंह चुंडावत, भेरुलाल मीणा, सुखलाल पटेल, प्रकाश मीणा, भरत मीणा, नरेंद्र जैन, बाबूलाल ओड, चौहान, अशोक नागदा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
भाजपा का पलटवार: निकाय चुनावों के नतीजों से न निकाले निष्कर्ष
कांग्रेस की बैठक के बाद भाजपा ने भी तरीबा हनुमानजी मंदिर परिसर में कुराबड़ पंचायत समिति क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. इस दौरान विधायक उदयलाल डांगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कानोड़ और भींडर के नगर निकाय चुनावों में मिली जीत को पंचायती राज चुनावों का संकेत मानने से इनकार किया.
‘’कांग्रेस कानोड़ और भींडर नगर पालिका चुनावों में जीत से ज्यादा उत्साहित न हो. इन क्षेत्रों में भाजपा को स्थानीय कमियों के कारण हार का सामना करना पड़ा था. पंचायती राज चुनावों में भाजपा कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर देगी.’’
असली चुनौती उम्मीदवार चयन और स्थानीय समीकरणों की
कुराबड़ में दोनों प्रमुख दलों की शुरुआती गतिविधियां बताती हैं कि पंचायती राज चुनावों में मुकाबला केवल पार्टी के दावों तक सीमित नहीं रहेगा. कांग्रेस के सामने वार्डवार दावेदारों में सहमति बनाने और संगठन को एकजुट रखने की चुनौती होगी वहीं भाजपा के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संभावित उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल तैयार करना महत्वपूर्ण होगा.
पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनावों में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की क्षेत्र में स्वीकार्यता, जातीय और सामाजिक समीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क तथा पार्टी संगठन की सक्रियता जैसे कारक भी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं. फिलवक्त, कांग्रेस ने दावेदारों के पैनल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर चुनावी तैयारी का संकेत दिया है वहीं भाजपा ने आक्रामक बयानबाजी के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी मुकाबले के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है.
चुनाव की तारीखों और उम्मीदवारों की तस्वीर स्पष्ट होने के साथ कुराबड़ में राजनीतिक मुकाबले की दिशा भी साफ होगी.
