
रोप मलखंभ में राज्य स्तर पर चमकी वनस्थली की संध्या
आठ साल की उम्र से रोप मलखंभ का अभ्यास शुरू किया, पहले ही प्रयास में जिला स्तर पर रही अव्वल, अब राज्य स्तर पर संध्या दिखा रही हैं दमखम
महज आठ साल की उम्र में रोप मलखंभ खेलना शुरू करने वाली सुनारा (वनस्थली) गांव की संध्या पारीक आज अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर राज्य स्तर तक पहुंच गई है. छोटे से गांव में संयुक्त परिवार में पली-बढ़ी संध्या ने सीमित संसाधनों के बीच वनस्थली स्कूल के मैदान में अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया है.
पिछले वर्ष जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने के बाद अब उसका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है. संध्या की यह उपलब्धि बताती है कि मजबूत इरादे और लगातार मेहनत के दम पर गांव की बेटियां भी खेल के बड़े मंच तक पहुंच सकती हैं.वनस्थली विद्यापीठ में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली संध्या पारीक इन दिनों जोधपुर जिले के डेचू में आयोजित राज्य स्तरीय रोप मलखंभ प्रतियोगिता में भाग ले रही है.
संध्या को इस खेल से जोड़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने में कोच मीनल पारीक की अहम भूमिका रही है. उनके मार्गदर्शन और संध्या के नियमित अभ्यास ने उसकी प्रतिभा को निखारने में मदद की. रोप मलखंभ जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में संतुलन, शारीरिक क्षमता, एकाग्रता और साहस की जरूरत होती है. संध्या ने लगातार अभ्यास से इन खूबियों को विकसित किया और जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा साबित की.
संयुक्त परिवार में पली-बढ़ी संध्या को आगे बढ़ने के लिए परिवार का भरपूर सहयोग मिला है.दादी-दादी बनवारी लाल व मोहना देवी, माता-पिता पवन कुमार पारीक व प्रियंका पारीक सहित परिवारिक सदस्य मुकेश कुमार पारीक और लोकेश पारीक को संध्या की इस उपलब्धि पर गर्व है. संध्या के राज्य स्तर पर चयन होने से सुनारा गांव सहित वनस्थली और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि संध्या राज्य स्तरीय पर ही नहीं इंटरनेशनल स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेगी.
संध्या का भी सपना अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी पहचान बनाना और देश का नाम रोशन करना है. आठ साल की उम्र में शुरू हुआ उसका खेल सफर आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा है. जिला स्तर पर प्रथम स्थान से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता तक का यह सफर उसकी मेहनत, कोच के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग का परिणाम है. अब संध्या की नजरें बेहतर प्रदर्शन करते हुए खेल में आगे के अवसर हासिल करने पर हैं.