
मैदान छोटा था, हौसले बड़े
आदिवासी क्षेत्र के बच्चों ने सॉफ्टबॉल में मचाया धमाल, बोरी स्कूल के 7 खिलाड़ियों का राज्य स्तर पर चयन, अब उदयपुर टीम में दिखाएंगे दमखम.
उदयपुर के आदिवासी अंचल के बच्चों ने खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि अब उनकी पहचान राज्य स्तर तक पहुंच गई है. कुराबड़ क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बोरी के सात खिलाड़ियों का सॉफ्टबॉल की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है. ये खिलाड़ी उदयपुर जिले की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए सांचौर जिले के काजा का गोलिया में आयोजित 70वीं राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखा रहे हैं. बोरी विद्यालय के खिलाड़ियों ने हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन किया था. छात्र एवं छात्रा वर्ग में विद्यालय की टीम उपविजेता रही. इसी प्रदर्शन के आधार पर सात खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय टीम के लिए हुआ. राज्य स्तरीय टीम में चयनित खिलाड़ियों में कुलदीप सिंह, भगत सिंह, मनोहर सिंह, राधा कुंवर, हर्षिता सुथार, हेमलता डांगी और रीनू कुंवर शामिल हैं. ये खिलाड़ी 28 सितंबर से शुरू हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उदयपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
मैदान छोटा था, हौसले बड़े :
आदिवासी क्षेत्र के इस विद्यालय के खिलाड़ियों की सफलता इसलिए भी खास है कि सीमित संसाधनों के बीच अभ्यास करते हुए इन बच्चों ने जिला स्तर से राज्य स्तर तक का सफर तय किया है. खेल के मैदान में इनके प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुविधा संपन्न स्कूल की मोहताज नहीं होती. अवसर मिले तो गांव और आदिवासी अंचल के बच्चे भी राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं. छोटे से मैदान में अभ्यास के बाद अपने हौसले और जिद से अब ये बच्चे राज्य स्तर पर अपना दमदख दिखा रहे हैं.
बोरी विद्यालय के लिए यह दोहरी उपलब्धि है. विद्यालय के शारीरिक शिक्षक राजू माली को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उदयपुर टीम का आधिकारिक टीम मैनेजर नियुक्त किया गया है. खिलाड़ियों के चयन के साथ शिक्षक को मिली यह जिम्मेदारी भी विद्यालय के लिए गौरव का विषय है.
सात खिलाड़ियों के राज्य स्तर पर चयन से बोरी सहित आसपास के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र में खुशी का माहौल है. प्रधानाचार्य देवीलाल शर्मा और विद्यालय परिवार ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. वहीं सरपंच प्रतिनिधि राजू भाई ने प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया.
बोरी के इन खिलाड़ियों की सफलता ने आदिवासी अंचल के उन बच्चों के लिए भी उम्मीद जगाई है जो खेल प्रतिभा तो रखते हैं, लेकिन बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता. सॉफ्टबॉल के मैदान से निकली यह सफलता अब पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा की कहानी बन गई है.