
दरवाजे पर लेपर्ड, अंदर कैद परिवार, आधे घंटे तक थमी रही सांसे
कमरे में पत्नी-बच्चों के साथ दुबका रहा परिवार, ग्रामीणों के शोर मचाने पर झाड़ियों में ओझल हुआ वन्यजीव] गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाने की मांग
उदयपुर जिले के कुराबड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत फिला में एक बार फिर लेपर्ड की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. देर शाम करीब 7 बजे एक लेपर्ड रिहाइशी मकान के बरामदे तक पहुंच गया और करीब आधे घंटे से अधिक समय तक वहीं डटा रहा. इस दौरान मकान में मौजूद परिवार की सांसें अटकी रहीं. ग्रामीणों के एकजुट होकर शोर मचाने के बाद लेपर्ड वहां से निकलकर झाड़ियों में ओझल हो गया.
जानकारी के अनुसार, फिला गांव निवासी पुष्कर पिता शंकरलाल मेघवाल के मकान के बाहर अचानक लेपर्ड आ पहुंचा. उस समय पुष्कर मेघवाल की पत्नी और बच्चे घर के कमरे में मौजूद थे. बाहर लेपर्ड की मौजूदगी का पता चलते ही परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए कमरे का दरवाजा बंद कर लिया. इससे परिवार सुरक्षित कमरे के भीतर रहा और संभावित हादसा टल गया. लेपर्ड काफी देर तक मकान के बाहर बने बरामदे में मौजूद रहा. परिवार के सदस्य कमरे के अंदर ही रहे. इस बीच घटना की जानकारी आसपास के ग्रामीणों तक पहुंची तो लोग मौके पर जुटने लगे. ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोर-जोर से शोर मचाया. लोगों की आवाज और हलचल के बाद लेपर्ड वहां से निकलकर पास की झाड़ियों में चला गया.
काबिलेगौर है कि फिला गांव और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी कई बार लेपर्ड की मौजूदगी देखी जा चुकी है. बार-बार आबादी के नजदीक वन्यजीव के पहुंचने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है. घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी और क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की. साथ ही लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग भी उठाई है.
