
गुलजार होंगे आदिवासी बाजार
सरकार का आदिवासी क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसरों पर जोर, वनगिरि ब्रांड का पहला उत्पाद जारी.
प्रतापगढ़। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के जनजाति क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में नई पहल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतापगढ़ में अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े किसानों को कृषकों को 2 लाख 36 हजार मिनीकिट वितरित कर इस मुहिम की शुरुआत की है. सरकार का दावा है कि इन प्रयासों का उद्देश्य जनजाति क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहन देना और किसानों को बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है.
प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में वन उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया. इसके लिए राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफैड) और राजस्थान आदिवासी क्षेत्र विकास सहकारी संघ (राजससंघ) के बीच वन उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को लेकर समझौता हुआ है.
इस अवसर पर ‘वनगिरि’ ब्रांड के अंतर्गत पहला शहद उत्पाद ‘आदिपराग’ भी लॉन्च किया गया. सरकार का कहना है कि इससे जनजातीय समुदायों द्वारा एकत्र किए जाने वाले वन उत्पादों को बाजार और उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी.
