डॉ. मुकेश बलवदा शिक्षाविद् और राजस्थानी साहित्य की ज्ञाता हैं. राजस्थानी कहानियों में हाशिए के समाज विषय पर उन्होंने शोध किया है.

जरायम पेशे के दल-दल में धंसे लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए झालावाड़ पुलिस की अभिनव पहल. सलाखों से नहीं पुलिस ने सहारे से बदल दी आदतन अपराधियों की जिंदगी.

राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा पढ़ाने को लेकर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के निर्देशों ने प्रदेश में नई बहस और नए सवाल छोड़ दिए. जिस प्रदेश की अपनी मायड़ भाषा राजस्थानी आज भी संवैधानिक मान्यता की प्रतीक्षा में है वहां अन्य भाषा को बढ़ावा देने का राजभवन माफ कीजिए लोकभवन का यह फरमान जले पर नमक छिड़कने जैसा लग रहा है. राज्यपाल के इस बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने सूबे के 11 विवि. में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र खोले जाने के आदेश जारी कर दिए.