दो सगे भाईयों का साझा विजन, पंचायत को आदर्श बनाने के लिए सबके सामने रखी पांच साल की परिकल्पना
दो सगे भाईयों का साझा विजन, पंचायत को आदर्श बनाने के लिए सबके सामने रखी पांच साल की परिकल्पना
भीलवाड़ा जिले की आसींद तहसील की रूपपुरा ग्राम पंचायत इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां पर दो सगे भाई ग्राम पंचायत को राजस्थान की सबसे विकसित और आदर्श बनाने के लिए दिन-रात जुटे हैं. दोनों भाइयों ने पंचायत के आठ गांवों के विकास के लिए पांच वर्षीय घोषणा पत्र जारी कर रखा अपना विजन.
Suresh chandra Meghwanshi
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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की रूपपुरा ग्राम पंचायत में पंचायत चुनाव का रंग चढ़ने लगा है. दूसरे चरण में यहां 30 अक्टूबर को मतदान होना है मगर चुनावी समर में सबसे ज्यादा चर्चा दो सगे भाइयों गणेश और घनश्याम गुर्जर की हो रही है. दिलचस्प बात यह है कि अभी दोनों भाइयों में से कौन सरपंच पद का चुनाव लड़ेगा, यह तय नहीं हुआ है. इसके बावजूद चुनाव प्रचार के पोस्टर और बैनर पर दोनों सरपंच पद के प्रत्याशी हैं. दोनों भाइयों के बीच सहमति है कि चुनाव कोई एक लड़ेगा मगर दूसरा उसकी जीत के लिए पूरी ताकत से साथ खड़ा रहेगा.
इस चुनावी जोड़ी की खासियत सिर्फ आपसी एकजुटता नहीं बल्कि ग्राम पंचायत के विकास को लेकर तैयार किया गया उनका पांच वर्षीय विजन भी है. दोनों भाइयों ने पंचायत के आठ गांवों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है. इसमें सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, शिक्षा, स्वच्छता, श्मशान घाट, रोड लाइट और सीसीटीवी जैसी बुनियादी सुविधाओं से लेकर धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों के विकास तक के वादे शामिल हैं. आबादी भूमि से वंचित परिवारों को नियमानुसार आबादी क्षेत्र में शामिल करवाने, पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और पंचायत के प्रत्येक गांव में पानी की टंकी बनवाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का संकल्प भी इसमें शामिल है. आखिर दो भाइयों ने मिलकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला क्यों किया? सरपंच पद के लिए उम्मीदवार तय करने का उनका आधार क्या होगा? आठ गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता कैसे मिलेगी और घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने के लिए संसाधन कहां से जुटाए जाएंगे? इन्हीं मुद्दों पर गणेश और घनश्याम गुर्जर से पंचायत प्रहरी संवाददाता सुरेश मेघवंशी ने खास बातचीत की है. पेश है बातचीत के प्रमुख अंश-
रूपपुरा ग्राम पंचायत के चुनाव में आप दोनों सगे भाई एक साथ प्रचार कर रहे हैं और पोस्टर-बैनर पर दोनों सरपंच प्रत्याशी हैं, आखिर यह रणनीति क्या है? हमारा उद्देश्य ग्राम पंचायत रूपपुरा का विकास करना और इसे राजस्थान की सुंदर, स्वच्छ एवं आदर्श ग्राम पंचायत बनाना है. हम दोनों भाइयों के बीच सहमति है कि चुनाव हममें से कोई एक लड़ेगा और दूसरा उसका पूरा समर्थन करेगा. हमारे लिए व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ज्यादा पंचायत का विकास महत्वपूर्ण है. हमारा साझा संकल्प है कि आने वाले पांच वर्षों में पंचायत के सभी गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो और विकास कार्यों में किसी तरह का भेदभाव न हो.
सरपंच पद का उम्मीदवार तय करने के लिए आपके सामने सबसे महत्वपूर्ण कसौटी क्या होगी? क्या यह निर्णय आप दोनों लेंगे या गांव के लोगों की राय भी इसमें शामिल होगी? हमारे बीच यह तय है कि चुनाव एक भाई लड़ेगा और दूसरा पूरी ताकत से उसका साथ देगा. हमारा मुख्य उद्देश्य विकास के साझा विजन को आगे बढ़ाना है. प्रत्याशी तय करने की प्रक्रिया को लेकर घोषणा पत्र में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है मगर हम दोनों का संकल्प पंचायत के हित में मिलकर काम करना है.
आपने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि रूपपुरा ग्राम पंचायत पिछले कई वर्षों से विकास की दृष्टि से पिछड़ी हुई है. आपके हिसाब से पंचायत की सबसे बड़ी समस्याएं क्या हैं और अब तक उनका समाधान क्यों नहीं हो पाया? पंचायत में कई गांव ऐसे हैं, जहां सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, विद्यालयों की सुविधाओं और स्वच्छता से जुड़े कामों की जरूरत है. कहीं संपर्क सड़कों का निर्माण जरूरी है तो कहीं पानी की टंकी, रोड लाइट और नालियों की व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने आठों गांवों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की सूची तैयार की है. हमारा प्रयास होगा कि इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए.
आपने पंचायत के आठ गांवों के लिए अलग-अलग विकास योजनाएं घोषित की हैं. क्या यह घोषणा पत्र गांव-गांव जाकर लोगों की जरूरतें समझने के बाद तैयार किया गया है? इसे बनाते समय आपकी प्राथमिकताएं क्या थीं?
हमारा प्रयास है कि पंचायत के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए. इसलिए हमने हदवों का खेड़ा, पार्वती का खेड़ा, मारवों का खेड़ा, मदनपुरा, रूपपुरा, रामनगर, अहीरों का खेड़ा और बैरन के लिए अलग-अलग कार्यों का उल्लेख किया है. हमारी प्राथमिकता सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता, खेल, सामुदायिक भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास करना है. साथ ही पंचायत के सभी गांवों को समान महत्व देते हुए बिना भेदभाव विकास कार्य करवाना हमारा संकल्प है.
गणेश गुर्जर, सरपंच प्रत्याशी रूपपुरा
घनश्याम गुर्जर, सरपंच प्रत्याशी रूपपुरा
आपके घोषणा पत्र में सड़क निर्माण को प्रमुख स्थान दिया गया है. कई गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों के निर्माण का प्रस्ताव है. इतना बजट कहां से आएगा? सरकार ने हर पंंचायत को पांच करोड़ रुपए देने का वादा किया है. हमें लगता है कि बजट बड़ी समस्या नहीं है, व्यक्ति का विजन हो तो बजट की व्यवस्था हो सकती है. इसी विजन के साथ मने घोषणा पत्र में कई आवश्यक सड़कों के निर्माण को शामिल किया है. इनमें बैरन से हदवों का खेड़ा, बैरन से पार्वती का खेड़ा, बैरन से रामनगर एवं रूपपुरा, मदनपुरा से कुराचों का खेड़ा तथा रूपपुरा से अहीरों का खेड़ा और पालड़ी तक सड़क निर्माण के प्रस्ताव शामिल हैं. इसके अलावा मारवों का खेड़ा में सोनारेल तक और हनुमान जी मंदिर से गांव तक सड़क बनाने की योजना है. इन कार्यों को उपलब्ध संसाधनों और संबंधित विभागों के सहयोग से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.
आपने हर गांव में पानी की टंकी बनाने और घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प लिया है. इसके लिए पानी के स्रोत, टंकी निर्माण और वितरण व्यवस्था को लेकर आपकी क्या योजना है? हमारी प्राथमिकता पंचायत के प्रत्येक गांव में पेयजल की बेहतर व्यवस्था करना है. इसके लिए हर गांव में पानी की टंकी बनवाने और घर-घर तक पेयजल पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे. हदवों का खेड़ा, पार्वती का खेड़ा और रूपपुरा सहित कई गांवों के लिए पानी की टंकी तथा पेयजल सुविधाओं के विस्तार को घोषणा पत्र में शामिल किया गया है. धार्मिक स्थलों पर भी पेयजल की व्यवस्था करने का संकल्प है. पानी के स्रोत, तकनीकी व्यवस्था और वितरण प्रणाली को लेकर विस्तृत कार्ययोजना संबंधित विभागों के सहयोग से तैयार करनी होगी.
घोषणा पत्र में सामुदायिक भवनों, खेल मैदानों, पुस्तकालयों और श्मशान घाटों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है. सीमित पंचायत बजट में इन सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राथमिकता कैसे तय करेंगे? हमने प्रत्येक गांव की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक भवन, खेल मैदान और श्मशान घाट के विकास को शामिल किया है. हदवों का खेड़ा, पार्वती का खेड़ा, मारवों का खेड़ा, मदनपुरा, रूपपुरा और अहीरों का खेड़ा में सामुदायिक भवनों के निर्माण के प्रस्ताव हैं. मारवों का खेड़ा और रूपपुरा में लाइब्रेरी, जबकि कई गांवों में खेल मैदान और श्मशान घाट के विकास की योजना है. इन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.
आपने रूपपुरा में गौशाला के लिए प्रयास करने, वीर तेजाजी सर्किल, राणा पूंजा सर्किल और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर सर्किल के विकास तथा महाराणा प्रताप की प्रतिमा या स्मारक का प्रस्ताव रखा है. विकास और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान के बीच संतुलन कैसे बनाएंगे? ग्राम पंचायत का विकास केवल सड़क और पानी तक सीमित नहीं होना चाहिए. गांव की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी महत्व मिलना चाहिए. इसी उद्देश्य से रूपपुरा में वीर तेजाजी सर्किल, बाबा साहब आंबेडकर सर्किल के सौंदर्यकरण और महाराणा प्रताप की प्रतिमा या स्मारक निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है. मारवों का खेड़ा में राणा पूंजा सर्किल और रामनगर में राणा पूंजा तथा बाबा साहब आंबेडकर सर्किल बनाने की योजना है. साथ ही रूपपुरा में गौशाला निर्माण के लिए प्रयास किए जाएंगे. इन कार्यों के साथ बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी बराबर ध्यान रहेगा.
मदनपुरा सहित पंचायत के उन गांवों में, जहां परिवार चारागाह भूमि पर बसे हैं या आबादी भूमि से बाहर हैं, उन्हें नियमानुसार आबादी क्षेत्र में शामिल करवाने का वादा किया गया है. इस दिशा में आप क्या कदम उठाएंगे? हमने घोषणा पत्र में स्पष्ट किया है कि मदनपुरा में चारागाह भूमि पर बसे गांव को नियमानुसार आबादी क्षेत्र में शामिल करवाने का प्रयास किया जाएगा. इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के सभी गांवों में आबादी भूमि से बाहर बसे परिवारों को नियमानुसार आबादी क्षेत्र में शामिल करवाने की पहल की जाएगी. इस दिशा में संबंधित राजस्व अधिकारियों और प्रशासन के समक्ष प्रकरण रखकर नियमानुसार समाधान करवाने का प्रयास करेंगे. इसमें कानूनी प्रावधानों और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा.
आपके घोषणा पत्र में पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का वादा है. ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आप पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित करेंगे, ताकि पात्र लोगों के साथ भेदभाव न हो? पंचायत के सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. हमारा संकल्प है कि किसी भी पात्र परिवार को जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना पड़े. इसके लिए ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने, पात्रता समझाने और आवेदन प्रक्रिया में सहायता करने पर ध्यान दिया जाएगा. लाभ दिलाने की प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी होनी चाहिए.
आपने मनरेगा में पात्र ग्रामीणों को बिना भेदभाव अवसर दिलाने और विकास कार्यों में पारदर्शिता रखने की बात कही है. यदि किसी गांव या परिवार को लगे कि उसके साथ पक्षपात हुआ है, तो उसकी शिकायत सुनने और समाधान करने के लिए क्या व्यवस्था बनाएंगे? हमारा संकल्प है कि मनरेगा में पात्र ग्रामीणों को नियमानुसार काम के अवसर मिलें और किसी के साथ भेदभाव नहीं हो. विकास कार्यों में पारदर्शिता, जनभागीदारी और ग्रामीणों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी. शिकायतों के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर लोगों की बात सुनना और नियमानुसार संबंधित अधिकारियों तक उनकी समस्या पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा.
पंचायत के अलग-अलग गांवों की जरूरतें अलग हैं. ऐसे में यह आशंका रहती है कि पंचायत मुख्यालय या प्रभावशाली गांवों में ज्यादा काम हो जाते हैं और छोटे गांव पीछे छूट जाते हैं. आप आठों गांवों के बीच विकास में समानता कैसे सुनिश्चित करेंगे? हमने अपने घोषणा पत्र में स्पष्ट किया है कि सभी गांवों को समान महत्व देते हुए बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसी वजह से प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग कार्यों का उल्लेख किया गया है. कहीं सड़क और पेयजल की जरूरत है तो कहीं सामुदायिक भवन, खेल मैदान, विद्यालय, लाइब्रेरी या श्मशान घाट के विकास की. हमारा प्रयास रहेगा कि विकास केवल पंचायत मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक गांव तक पहुंचे.
आपने विद्यालयों की चारदीवारी, क्रमोन्नयन, खेल मैदान और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं को भी घोषणा पत्र में शामिल किया है. शिक्षा और युवाओं के विकास को लेकर आपका दीर्घकालीन विजन क्या है? बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर देना हमारे विकास विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. हदवों का खेड़ा में विद्यालय की चारदीवारी, रामनगर में विद्यालय की चारदीवारी, बैरन के विद्यालय को नियमानुसार क्रमोन्नत करवाने के प्रयास और मारवों का खेड़ा तथा रूपपुरा में लाइब्रेरी की स्थापना के प्रस्ताव हैं. इसके अलावा विभिन्न गांवों में खेल मैदान विकसित किए जाएंगे. हमारा प्रयास रहेगा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल और युवाओं को खेल तथा रचनात्मक गतिविधियों के लिए सुविधाएं मिलें.
रूपपुरा पंचायत में सीसीटीवी कैमरे, रोड लाइट, सीसी सड़कें और नालियों के निर्माण जैसे कामों का भी वादा है. क्या आप इन सुविधाओं के साथ उनके रखरखाव और नियमित निगरानी की व्यवस्था भी बनाएंगे? रूपपुरा गांव में सीसी सड़कें और नालियां बनाने, सार्वजनिक पानी की टंकी तथा पेयजल सुविधाओं का विस्तार करने और पंचायत मुख्यालय एवं प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव है. मदनपुरा में मुख्य बस स्टैंड और विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का प्रयास होगा. रामनगर में रोड लाइट की व्यवस्था और बैरन में आश्रम तक रोड लाइट लगाने की योजना है. हमारा उद्देश्य केवल सुविधाओं का निर्माण करवाना नहीं बल्कि ग्रामीणों को उनका लाभ मिले, यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना भी होगा.
चुनावी घोषणा पत्र जारी करना एक बात है और पांच साल में उसे जमीन पर उतारना दूसरी. क्या आप घोषणा पत्र के प्रत्येक कार्य के लिए समयसीमा तय करेंगे? ग्रामीणों को यह जानकारी कैसे मिलेगी कि कौन-सा काम कब तक पूरा होना है? हमारा घोषणा पत्र अगले पांच वर्षों के विकास संकल्प को सामने रखता है. इसमें पंचायत की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग कार्यों को शामिल किया गया है. हमारा प्रयास रहेगा कि उपलब्ध संसाधनों और सरकारी योजनाओं के अनुसार कामों को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ाया जाए.
सरपंच के अधिकारों और ग्राम पंचायत के उपलब्ध बजट की अपनी सीमाएं होती हैं. यदि कोई बड़ा वादा पंचायत के अपने संसाधनों से पूरा नहीं हो पाता, तो आप उसके लिए विधायक, सांसद, जिला परिषद, पंचायत समिति और संबंधित विभागों से सहयोग कैसे जुटाएंगे? पंचायत के सभी विकास कार्यों को पूरा करने के लिए सरकारी योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग महत्वपूर्ण होगा. सरकार ने अभी हर पंचायत के लिए पांच करोड़ रुपए के बजट का वादा किया है, ऐसे में इस बजट से ही बहुत सारे काम किए जा सकते हैं. सड़क, पेयजल, विद्यालय, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों से सहयोग लेने का प्रयास किया जाएगा. हमारा लक्ष्य है कि पंचायत के सभी गांवों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार हो. इसके लिए उपलब्ध बजट के अनुसार कार्यों को आगे बढ़ाना और जरूरत के अनुसार संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव रखना आवश्यक होगा.
मान लीजिए चुनाव जीतने के बाद पहले ही वर्ष में बजट सीमित हो और सभी गांवों में एक साथ विकास कार्य शुरू करना संभव न हो. ऐसी स्थिति में सबसे पहले किन तीन कामों को प्राथमिकता देंगे और उसका आधार क्या होगा? हमारे घोषणा पत्र में पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को विशेष महत्व दिया गया है. इसलिए जरूरत के अनुसार पेयजल की व्यवस्था, आवश्यक संपर्क सड़कों और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण होगा. इसके साथ पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास भी जारी रहेगा.
चुनाव में अक्सर जातिगत समीकरण, व्यक्तिगत संबंध और स्थानीय गुटबाजी भी प्रभाव डालते हैं. आप दोनों ने बिना भेदभाव विकास का वादा किया है. क्या चुनाव जीतने के बाद भी यही नीति रहेगी, खासकर उन लोगों और परिवारों के लिए जिन्होंने आपका समर्थन नहीं किया होगा? हमारा संकल्प है कि ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव, समाज, वर्ग और परिवार को सम्मान मिले. घोषणा पत्र में सामाजिक समरसता, भाईचारे, सद्भाव और एकता बनाए रखने की बात कही गई है. विकास कार्यों में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी गांवों को समान महत्व देने का प्रयास होगा. हमारा उद्देश्य पंचायत को एकजुट रखकर विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है.
रूपपुरा ग्राम पंचायत के मतदाताओं से आप क्या कहना चाहेंगे? पांच साल बाद जब वे आपके कामकाज का मूल्यांकन करें, तो पंचायत में ऐसा कौन-सा बदलाव देखना चाहेंगे जिससे उन्हें लगे कि विकास का आपका वादा वास्तव में पूरा हुआ है? हम समस्त ग्रामवासियों, माताओं-बहनों, युवा साथियों और मतदाताओं से अपील करते हैं कि पंचायत के विकास के लिए हमारा विजन देखें. हमारा संकल्प रूपपुरा ग्राम पंचायत को सुंदर, स्वच्छ और आदर्श ग्राम पंचायत बनाना है. हम चाहते हैं कि पांच वर्षों में पंचायत के सभी गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता, खेल, सामुदायिक भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार हो. प्रत्येक पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और गांवों में आपसी भाईचारा बना रहे. हमारा घोषणा पत्र इसी विकास संकल्प की दिशा में एक प्रयास है.