
राजस्थान में इंसानियत फिर शर्मसार
अलवर व प्रतापगढ़ के बाद बांसवाड़ा में आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर घुमाया, आखिर कब रुकेगी भीड़ की यह बर्बरता?
राजस्थान एक बार फिर महिलाओं के साथ होने वाली बर्बरता की घटना से शर्मसार है. प्रतापगढ़ के धरियावद में सितंबर 2023 में आदिवासी युवती को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना के बाद अब बांसवाड़ा से भी उसी तरह इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक आदिवासी महिला के बाल काट दिए गए, उसके साथ सरेआम मारपीट की गई, कपड़े फाड़ दिए गए और उसे निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया गया.
सबसे भयावह तस्वीर सिर्फ आरोपियों की बर्बरता नहीं है, बल्कि वह भीड़ है जो इस दौरान खड़ी तमाशा देखती रही. कोई वीडियो बनाता रहा, कोई उकसाता रहा और कोई पीड़िता को पीटने की बात कहता रहा.
घटना बांसवाड़ा जिले की है. आरोप है कि महिला के पति और परिवार के लोगों ने दूसरे गांव के एक युवक के साथ जाने को लेकर उसे सरेआम प्रताड़ित किया. महिला का कहना है कि वह युवक के साथ मजदूरी करने गई थी.
प्रतापगढ़ से बांसवाड़ा तक हमने कुछ नहीं सीखा?
01 सितंबर 2023 को प्रतापगढ़ के धरियावद में आदिवासी युवती को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था. उस घटना के बाद सरकार, पुलिस और समाज ने महिलाओं की सुरक्षा और आदिवासी समाज में जागरूकता की बड़ी-बड़ी बातें कीं मगर बांसवाड़ा में की घटना ने फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या उन घटनाओं से वास्तव में कोई सबक लिया गया? सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका पर उठ रहा है कि उसने तीन दिन तक मामले को क्यों छिपाए रखाॽ
काबिलेगौर है कि राजस्थान में अलग-अलग समय पर प्रतापगढ़, अलवर और अन्य जिलों से महिलाओं के साथ भीड़ की हिंसा, सार्वजनिक अपमान और कथित सामाजिक सजा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हर घटना के बाद कुछ दिन तक आक्रोश होता है, गिरफ्तारियां होती हैं, राजनीतिक बयान आते हैं और फिर मामला धीरे-धीरे चर्चा से गायब हो जाता है.
बांसवाड़ा की घटना का एक बेहद चिंताजनक पहलू यह भी है कि पीड़िता के साथ मारपीट करने और उसके कपड़े फाड़ने के आरोप महिलाओं पर भी हैं. बांसवाड़ा की इस घटना में परिवार की महिलाओं की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक महिला दूसरी महिला को निर्वस्त्र करने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने में कैसे शामिल हो सकती है? क्या यह सिर्फ एक परिवार का विवाद था या इसके पीछे वह सामूहिक सामाजिक सोच काम कर रही थी, जिसमें महिला के कथित व्यवहार को परिवार की इज्जत से जोड़कर देखा जाता है?
