
पहाड़ों में लहलहा रही थी नशे की ‘फसल’, पुलिस पहुंची तो मच गई खलबली; 11 क्विंटल से ज्यादा गांजा-भांग जब्त
मांडवा पुलिस और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई में पहाड़ियों में हो रही अवैध गांजा-भांग की खेती पकड़ी गई। 1,149.500 किलो फसल जब्त कर 7 केस दर्ज किए गए।
उदयपुर के मांडवा थाना क्षेत्र की दुर्गम पहाड़ियों में नशे की ‘फसल’ लहलहा रही थी. यह खेती ऐसी जगह की जा रही थी जहां पुलिस तो दूर आम आदमी का पहुंचना भी आसान नहीं था. मुखबिर की सूचना पर मांडवा पुलिस और डीएसटी की टीम पहाड़ियों के बीच पहुंची तो बड़े पैमाने पर अवैध खेती देखकर हैरान रह गई. पुलिस ने अलग-अलग खेतों से कुल 1,149.500 किलो गांजा-भांग के पौधे जब्त कर 7 मामले दर्ज किए हैं. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पहाड़ियों में चल रही इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग हैं और इसकी सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी.
काबिलेगौर है कि जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान के निर्देशन में पुलिस को अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मुकेश शर्मा और वृत्ताधिकारी डूंगर सिंह के सुपरविजन में मांडवा थाना अधिकारी मूंगलाराम और डीएसटी प्रभारी चंद्रभान सिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई. टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मांडवा थाना क्षेत्र के मौजा साड़ी के बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर गांजा और भांग की अवैध खेती की जा रही है. सूचना को पुख्ता करने के बाद पुलिस टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया.
पहाड़ों के बीच मिली नशे की लहलहाती फसल
पुलिस टीम जब साडी के नदी फला के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पहुंची तो वहां का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. वहां पहाड़ियों के बीच बड़े पैमाने पर अवैध रूप से गांजे और भांग की खेती की जा रही थी. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अपनी अवैध खेती को पुलिस की नजर से बचाने के लिए दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र को चुना था. टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी फसल को उखाड़ना शुरू किया और उसे जब्त कर लिया. कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा और भांग के हरे पौधे बरामद हुए.
7 लोगों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज
कार्रवाई के बाद मांडवा थाने में कुल 7 अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें एक मामला धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया, जबकि छह मामले भांग से संबंधित धारा 16/54 आबकारी अधिनियम में दर्ज किए गए। पुलिस अब इस अवैध खेती और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पूरे ऑपरेशन में मांडवा थाना और डीएसटी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम में मांडवा थानाधिकारी मूंगलाराम, डीएसटी प्रभारी चंद्रभान सिंह, डीएसटी एएसआई विक्रम सिंह, एएसआई करतार सिंह, डीएसटी हेडकांस्टेबल कमलेश जाखड़, डीएसटी हेडकांस्टेबल हितेंद्र सिंह, डीएसटी कांस्टेबल शक्ति सिंह, डीएसटी कांस्टेबल वीरेंद्र साहू व डीएसटी कांस्टेबल सुमेर सिंह शामिल रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई से पहाड़ी इलाकों में छिपाकर की जा रही अवैध मादक पदार्थों की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। करीब सवा टन अवैध गांजा-भांग की फसल को कार्रवाई के जरिए नष्ट/जब्त किए जाने के बाद अब पुलिस का फोकस इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपियों तक पहुंचने पर है।
दुर्गम पहाड़ियों को ढाल बनाकर की जा रही गांजा-भांग की इस खेती ने पुलिस के सामने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. इतनी बड़ी मात्रा में नशे की फसल कब से उगाई जा रही थी, इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और तैयार माल की सप्लाई कहां होनी थी, पुलिस अब इसकी कड़ियां जोड़ रही है. 1,149.500 किलो फसल जब्त होने के बाद जांच का फोकस खेतों से आगे उस नेटवर्क तक पहुंचने पर है, जो पहाड़ियों की आड़ में नशे की इस अवैध खेती और संभावित तस्करी को संचालित कर रहा था.
