
नशे पर 'जागृति' का मजबूत प्रहार
उदयपुर में नशे के खिलाफ ‘जागृति’ अभियान के तहत पुलिस ने लगातार बड़ी कार्रवाइयां की हैं. पहाड़ियों व नदी किनारे से 13 क्विंटल से ज्यादा गांजा-भांग के पौधे जब्त किए गए और शहर में 50 लाख रुपए की एमडीएमए के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
कहीं पहाड़ियों में छिपाकर गांजा-भांग की खेती, कहीं नदी किनारे खेत में लहलहाती नशे की फसल और कहीं बाड़मेर से उदयपुर पहुंच रही लाखों रुपए की सिंथेटिक एमडीएमए ड्रग्स. उदयपुर पुलिस के ‘जागृति’ अभियान ने पिछले दो दिनों में नशे के खिलाफ एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई की है. दो कार्रवाई में 13 क्विंटल से ज्यादा गांजा-भांग के पौधे जब्त हुए, जबकि शहर में 50 लाख रुपए की एमडीएमए के साथ तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं.
वाकल नदी के किनारे लहलहा रही थी गांजे की खेती
7 अक्टूबर को कोटड़ा क्षेत्र में वाकल नदी के किनारे हुई जहां पुलिस ने कोटड़ा पुलिस ने खेत में छिपाकर की जा रही गांजे की खेती का खुलासा किया. पुलिस ने मौके से 192.22 किलो हरे और गीले गांजे के पौधे उखाड़कर जब्त किए हैं. यह सब उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में चल रहे ‘जागृति’ अभियान का असर है. बुधवार को कोटड़ा पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि डुंगरिया-खाखरिया पटवार मंडल क्षेत्र में वाकल नदी के किनारे एक खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत की तलाशी ली तो वहां गांजे के हरे पौधे मिले. पुलिस ने पूरी फसल को उखाड़कर वजन किया जो 192.22 किलोग्राम निकला. मामले में कोटड़ा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. पुलिस अब खेती के पीछे जुड़े लोगों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है.

एक दिन पहले पहाड़ों में मिली थी 11 क्विंटल से ज्यादा ‘नशे की फसल’
उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर को उदयपुर जिले के मांडवा थाना क्षेत्र की दुर्गम पहाड़ियों में पुलिस को नशे की खेती का इससे भी बड़ा मामला मिला था. मुखबिर की सूचना पर मांडवा पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम साड़ी क्षेत्र के नदी फला की पहाड़ियों में पहुंची थी. पुलिस के अनुसार - इलाके की भौगोलिक दुर्गमता का फायदा उठाकर अलग-अलग खेतों में गांजा और भांग की खेती की जा रही थी. सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने अलग-अलग खेतों से कुल 1,149.500 किलो गांजा-भांग के हरे पौधे जब्त किए. इन दो कार्रवाइयों में पुलिस ने 1,341.72 किलो के करीब हरे पौधे जब्त किए हैं.
खेतों से सड़क तक पहुंचा ‘जागृति’ अभियान
बुधवार को उदयपुर शहर के हिरणमगरी इलाके में 470 ग्राम एमडीएमए के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. जब्त एमडीएमए की बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है. आरोपी इसे बाड़मेर के गुढ़ामालानी से खरीदकर उदयपुर ला रहे थे. मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिना नंबर की सफेद स्कॉर्पियो को घेराबंदी कर रोका. तलाशी के दौरान कार में सवार तीन आरोपियों के कब्जे से 470 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई. पुलिस ने ड्रग्स के साथ स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली. गिरफ्तार आरोपियों में मनीष, शंकर और नरेश शामिल हैं.
‘जागृति’ में पुलिस का फोकस सिर्फ जब्ती पर नहीं
इन लगातार कार्रवाइयों से साफ है कि ‘जागृति’ अभियान के तहत पुलिस का फोकस नशे के पूरे नेटवर्क पर है. एक तरफ जहां दुर्गम पहाड़ियों और खेतों में हो रही अवैध खेती को तलाशा जा रहा है वहीं दूसरी ओर बाहर से उदयपुर लाई जा रही सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई चेन पर भी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस के सामने अगली चुनौती सिर्फ जब्त किए गए मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है. जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि इन खेतों में खेती कौन करवा रहा था ? फसल कहां पहुंचनी थी ? ड्रग्स की सप्लाई किसे होनी थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं ?
जारी रहेगा ‘जागृति’ अभियान
''उदयपुर पुलिस जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाले तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.''
