
उदयपुर जिले के कुराबड़ क्षेत्र के बंबोरा रावला में आज शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्गाष्टमी पर धर्म एवं आस्था से जुड़े अनुष्ठानों का आयोजन हुआ।

आस्था, अनुशासन और धर्ममय वातावरण के बीच उदयपुर से अडिंदा पारसनाथ तक लगातार 25वें वर्ष पदयात्रा निकाली गई। रजत जयंती वर्ष के इस विशेष आयोजन में 450 से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सेवाश्रम से शुरू हुई पदयात्रा देबारी, डबोक, मोड़ी और बाठेड़ा होते हुए अतिशय क्षेत्र अडिंदा पारसनाथ पहुंची, जहां ट्रस्ट परिवार ने सभी पदयात्रियों का स्वागत और सम्मान किया।

कुराबड़ के सालवी समाज की ओर से अनंत चतुर्दशी व्रत की पूर्णाहुति व उद्यापन

राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा पढ़ाने को लेकर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के निर्देशों ने प्रदेश में नई बहस और नए सवाल छोड़ दिए. जिस प्रदेश की अपनी मायड़ भाषा राजस्थानी आज भी संवैधानिक मान्यता की प्रतीक्षा में है वहां अन्य भाषा को बढ़ावा देने का राजभवन माफ कीजिए लोकभवन का यह फरमान जले पर नमक छिड़कने जैसा लग रहा है. राज्यपाल के इस बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने सूबे के 11 विवि. में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र खोले जाने के आदेश जारी कर दिए.

कुछ लोग अपनी ज़िंदगी जीते हैं, कुछ लोग अपने दौर को बदलते हैं और कुछ लोग अपनी मिट्टी की रूह बन जाते हैं. केशरीचंद 'के.सी.' मालू ऐसी ही शख़्सियत थे.