
गांवों की सरकार तैयार, 93 पंचायतों को मिले नए मुखिया
झाड़ोल की 34, फलासिया की 35 और ओगणा की 24 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के परिणाम घोषित
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण के तहत मतदान और मतगणना पूरी होने के साथ ही उदयपुर जिले के झाड़ोल, फलासिया और ओगणा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में नई नेतृत्व व्यवस्था की तस्वीर साफ हो गई है. तीनों पंचायत समितियों की कुल 93 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. दिलचस्प ये है कि करीब 53 फीसदी महिलाओं के हाथ गांवों की बागडोर आई है. नतीजे सामने आने के बाद विजेताओं के समर्थकों में उत्साह नजर आया. वहीं, रविवार को उपसरपंच पद के चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए.
इन्हें मिली झाड़ोल की 34 ग्राम पंचायतों की कमान :
झाड़ोल पंचायत समिति क्षेत्र की 34 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के परिणाम घोषित हो गए हैं. यहां अलग-अलग ग्राम पंचायतों में हुए मुकाबलों के बाद मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधियों का चयन किया. ग्राम पंचायतों में जीत हासिल करने वालों में ढीकलिया से महेश परमार, चंदवास से केशूलाल, रिछावर से अजयपाल, सेरा से प्रेम कुमारी खराड़ी, आवरड़ा से रेखा देवी, गोगला से तारा खेर, मोहम्मद फलासिया से सविता देवी, मानस से रमेश चन्द्र पारगी, ढढावली से रमेश चन्द्र, गोदाणा से कालूलाल चव्हाण, खाखड़ से सुन्दर देवी, नयागांव से माया कुमारी करोवा, सेलाना से रमेश चन्द्र डामोर, ब्राह्मणों का खेरवाड़ा से सोहन लाल बोदरिया, सुल्तानजी का खेरवाड़ा से पारू देवी, तलाई से गीता देवी, बागपुरा से सुनील कुमार मराला, कोचला से लीला देवी, जेकड़ा से मंजू बाई, नेनबारा से इन्द्रा कुमारी भगोरा, देवास से कालूलाल, सलदरी से ललिता डामोर, गोराणा से सीता देवी, माकड़ादेव से प्रकाश चन्द्र कटारा, लूनावतो का खेड़ा से लोकेश कुमार, कंथारिया से सुमित्रा देवी, दमाणा (मगवास) से राकेश कुमार खराड़ी, मगवास से मंजू देवी, बदराणा से रेखा देवी, झाड़ोल से बाबूलाल, पालियाखेड़ा से मनशा देवी, ढीमड़ी से मनीषा खराड़ी, अडोल से मोहन लाल पारगी और गोरन से संगीता कसोटा देवी के नाम शामिल हैं.
फलासिया की 35 ग्राम पंचायतों की इन्हें मिली बागडोर :
फलासिया पंचायत समिति क्षेत्र की 35 ग्राम पंचायतों में भी सरपंच पद के नतीजे घोषित हो गए हैं. विजयी प्रत्याशियों में आमोड़ से काली देवी अहारी, कोल्यारी से लक्ष्मण लाल बुम्बड, देवड़ावास से कमलेश कटारा, आमीवाड़ा से नानालाल पारगी, तुम्दर से सीता देवी गमार, बिछीवाड़ा से किरण देवी दामा, खरड़िया से सुखलाल कोकसा, सरादित से प्रभुलाल दामा, बेड़नपाड़ा से कमलेश कसौटा, खाटीकमदी से सारा देवी, मादड़ी से जगदीश चंद्र कसौटा, फलासिया से पूनमचंद दरांगी, आमलिया से दिनेश पांडोर, वचली कातर से सीता देवी गमार, पानरवा से पन्नालाल खराड़ी, उपला आमड़ा से पिन्टू देवी, करेल से कान्ता कुमारी लूर, सड़ा से दिनेश कुमार दामा, दमाणा से विमल अहारी, मादला से सुनीता देवी दामा, जामुन से सुमित्रा देवी अहारी, उपली सिगरी से नरेंद्र कुमार भगोरा, निचली सिगरी से मेवा कुमारी दामा, सोम से विनोद कुमार पारगी, धरावण से सरिता डामोर, अम्बासा से उर्मिला देवी खराड़ी, डेया से विमला देवी, कवेल से निरु देवी, बुझा से रमिला देवी, अम्बावी से मीरा देवी, गरणवास से प्रकाश भगोरा, भामटी से दिलीप कुमार बोदर, क्वादर से अनीता देवी खोखरिया, पीपलबारा से हीरालाल वडेरा और शिशवी से मोतीलाल गरासिया के नाम शुुुुमार हैं.

ओगणा की 24 पंचायतों में सरपंच के नए चेहरे :
ओगणा पंचायत समिति क्षेत्र की 24 ग्राम पंचायतों में भी सरपंच पद के नए चेहरे घोषित हो गए हैं. चौखलाबारा में विरमचंद निर्विरोध चुने गए हैं जबकि अन्य ग्राम पंचायतों में मदतान के जरिए सरपंच चुने गए हैं. घोषित परिणामों के अनुसार ओगणा से लक्ष्मीलाल, अटाटिया से सविता देवी, भूरा से सविता देवी, चौखलाबारा से विरमचंद (निर्विरोध), नेताजी का बारा से नारायण लाल, काड़ा से शंकर लाल कपाया, राणपुर से सुरता वडेरा, कोलर से मोहनी देवी, पिलक से राजुड़ी देवी, गेजवी से रमिला बाई, कालियाघाटी से पुष्पा बाई, कितावतो का वास से देवी गरासिया, थोबावाड़ा से नाथूलाल वडेरा, झांझर की पाल से राधा कुमारी, उपरेटा से कालूराम, ओड़ा से रमिला देवी, रोहिमाला से झूमी देवी, नेवज से प्रभुलाल, अदकालिया से सूरज बाई, गुराड़ से सुनील कुमार, आंजरौली खास से नाथूलाल, भेषाणा से अम्बालाल, बिरोठी से हंसा देवी और जेतावाड़ा से शंकर लाल पारगी ने जीत दर्ज की.
चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा. मतदान से लेकर मतगणना तक शांति बनाए रखने के प्रयास किए गए. रविवार को उपसरपंच पद के चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए.
तीनों पंचायत समितियों की 93 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के परिणाम घोषित होने के बाद अब ग्रामीणों की उम्मीदें नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़ गई हैं. पेयजल संकट का समाधान, सड़कों की स्थिति में सुधार, बिजली और स्वच्छता की व्यवस्था, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना और गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नए सरपंचों के सामने प्रमुख चुनौतियां होंगी. आने वाले समय में इन पंचायतों के विकास कार्य, ग्रामीण समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से यह तय होगा कि नए सरपंच जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं. गांवों की सरकार के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी चुनावी वादों को धरातल पर उतारने की है.
