
मोड़ का निंबाहेड़ा में राकेश जायसवाल की 1131 वोटों से ऐतिहासिक जीत
दो पूर्व सरपंच परिवारों को नकारकर मतदाताओं ने राकेश पर जताया भरोसा
भीलवाड़ा जिले की आसींद पंचायत समिति क्षेत्र की सबसे चर्चित ग्राम पंचायत मोड़ का निंबाहेड़ा में सरपंच पद के चुनाव परिणाम ने पुराने राजनीतिक समीकरण बदल दिए. यहां मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में एकतरफा जनादेश देते हुए राकेश जायसवाल को 1131 वोटों के भारी अंतर से विजयी बनाया.
राकेश जायसवाल को कुल 1820 मत मिले, जबकि निवर्तमान सरपंच रुक्मिणी देवी माली के पुत्र भगवान लाल माली 689 वोट ही हासिल कर सके. इस तरह जायसवाल ने शानदार अंतर से जीत दर्ज की.
सरपंच पद की मतगणना देर रात तक चली. परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने राकेश जायसवाल को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा और उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.
मोड़ का निंबाहेड़ा में इस बार सरपंच पद का चुनाव काफी रोचक रहा. चुनाव मैदान में दो पूर्व सरपंच परिवारों के सदस्यों ने भी अपनी किस्मत आजमाई थी. इनमें निवर्तमान सरपंच रुक्मिणी देवी माली के पुत्र भगवान लाल माली और पूर्व सरपंच चंद्रकांता सर्वा के पुत्र अशोक कुमार सर्वा शामिल थे.
हालांकि, मतदाताओं ने दोनों परिवारों के प्रत्याशियों को अपेक्षित समर्थन नहीं दिया. सरपंच पद के लिए कुल 2968 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इनमें राकेश जायसवाल को सर्वाधिक 1820 वोट मिले. भगवान लाल माली 689 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि अशोक कुमार सर्वा महज 31 वोट हासिल कर छठे स्थान पर रहे. इस तरह दोनों पूर्व सरपंच परिवारों के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा. चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया कि इस बार मतदाताओं ने नए नेतृत्व को मौका देने का निर्णय किया.

रामेश्वर लाल डोलिया निर्विरोध उपसरपंच निर्वाचित
शनिवार सुबह उपसरपंच पद के चुनाव में रामेश्वर लाल डोलिया ने एकमात्र नामांकन दाखिल किया. उनके सामने किसी अन्य प्रत्याशी ने आवेदन प्रस्तुत नहीं किया. इसके चलते रामेश्वर लाल डोलिया को निर्विरोध उपसरपंच निर्वाचित घोषित किया गया.
राकेश जायसवाल की जीत की घोषणा के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई. समर्थकों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया और उत्साह के साथ विशाल विजय जुलूस निकाला. इस दौरान जगह-जगह उनका स्वागत किया गया.
नवनिर्वाचित सरपंच राकेश जायसवाल ने कहा कि उनका लक्ष्य मोड़ का निंबाहेड़ा ग्राम पंचायत को राजस्थान की आदर्श ग्राम पंचायत बनाना है. इसके लिए सभी वर्गों और ग्रामीणों को साथ लेकर विकास कार्य किए जाएंगे. शिक्षा, सड़क, पेयजल सहित बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ग्राम पंचायत को विकसित, सक्षम और शिक्षित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.
चुनाव परिणाम के बाद गांव की राजनीति में नए नेतृत्व की शुरुआत हुई है. मतदाताओं के इस जनादेश ने यह संदेश दिया है कि पंचायत की राजनीति में जनता का विश्वास और स्थानीय विकास के मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
