सुरेश चंद्र मेघवंशी भीलवाड़ा जिले की जमीनी पत्रकारिता के उन जुझारू चेहरों में हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी के दम पर अलग पहचान बनाई है. छोटे से गांव और बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने राजस्थान की पत्रकारिता में अपना विशेष स्थान बनाया. वे जमीनी मुद्दों की निष्पक्ष पड़ताल, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और आम लोगों की आवाज को मजबूती से सामने रखने के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता उनके लिए महज पेशा नहीं, बल्कि समाज के सवालों को उठाने और बदलाव की जमीन तैयार करने का माध्यम है. सामाजिक सरोकारों से उनका गहरा जुड़ाव है और वे सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी करते रहे हैं. संघर्षों से निकली उनकी यात्रा बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिबद्धता, साहस और जमीनी जुड़ाव के बूते पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है.

आसींद से महज 10 किलोमीटर दूर कुराछो का खेड़ा के ग्रामीणों का फैसला, करीब 600 मतदाता पंचायत चुनाव सहित किसी भी चुनाव में वोट नहीं डालने पर अड़े

भीलवाड़ा जिले की आसींद तहसील की रूपपुरा ग्राम पंचायत इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां पर दो सगे भाई ग्राम पंचायत को राजस्थान की सबसे विकसित और आदर्श बनाने के लिए दिन-रात जुटे हैं. दोनों भाइयों ने पंचायत के आठ गांवों के विकास के लिए पांच वर्षीय घोषणा पत्र जारी कर रखा अपना विजन.

गांवों में चुनाव का बदल गया दौर, चौपालों की जगह अब डिजिटल माध्यमों पर ज्यादा जोर, सियासी गीत भी बने चुनाव प्रचार का हथियार

भीलवाड़ा के रावों का खेड़ा में सामने आया महिला की गरिमा को तार तार करने वाला मामला, खंभे से बांधकर रखा, सामाजिक बहिष्कार किया, मूत्र पिलाने की कोशिश

2165 वोटों की बड़ी जीत के बाद जसवंत कंवर पर भाजपा का भरोसा, 21 सितंबर को होगा महापौर चुनाव

14 सितंबर को खुलेगा ईवीएम का पिटारा, सुबह 8 बजे से शुरू होगी वोटों की गिनती

108 डुबकियों ने छीन ली दो जिंदगियां, बद्रीनाथ के तप्त कुंड में भीलवाड़ा की दो बुजुर्ग श्रद्धालुओं की मौत.

भाखलिया, डांगावास और गोगुंदा तक एक ही सवाल - क्या राजस्थान में दलितों के लिए आजादी और बराबरी अभी भी सिर्फ कागज पर ही है?

निशाना बुजुर्ग था या कोई ओर?

बगावत रोकने के लिए राजनीतिक दलों की सीधे आरओ के सामने सिंबल जमा कराने की रणनीति कई जगह पड़ी भारी, आपसी खींचतान में उम्मीदवारों के चुनाव चिन्ह अटके.

भीलवाड़ा में कांग्रेस के सिंबल अटके, कलेक्ट्रेट में 5 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा, गेट बंद होने पर भड़की कांग्रेस, बोली- प्रशासन के खिलाफ जाएंगे कोर्ट